Tuesday, April 29, 2014

अभिमन्यु तुल्य नरेंद्र मोदी

महाभारत में चक्रव्यूह के समय अभिमन्यु का कथन आता है की सत्य की विजय हेतु किस प्रकार यह १६ वर्षीय योद्धा सम्पूर्ण कौरव सेना के महारथियों से अकेले ही युद्ध करता हुआ अंततोगत्वा वीरगति को प्राप्त होता है। आशा है, कलयुग के इस समकालीन महाभारत में अभिमन्यु तुल्य हो चुके नरेंद्र भाई को भारत के कल्याण हेतु विजयश्री प्राप्त हो। परन्तु इस बात का जीवन भर स्मरण रहेगा की किस प्रकार भ्रष्टाचार एवं आतंकवाद से जूझ रहे देश के तमाम नेतागण देश एवं जनता की सभी समस्याओं को भूलकर बस साम्प्रदायिकता के ढोंग में जनता को उलझाने का प्रयास कर रहे हैं। जय हिन्द।

No comments: